छत्तीसगढ़

‘सेवा सेतु’ बन रहा है, सुशासन का सशक्त माध्यम: आय,जाति, निवास,विवाह पंजीयन सहित 441 सेवाएं अब एक ही पोर्टल पर

‘Seva Setu’ is becoming a powerful medium of good governance: 441 services including income, caste, residence, marriage registration are now available on a single portal.

योजना से आम नागरिकों को बड़ी राहत, 28 माह में 65 लाख से अधिक प्रकरणों का समय-सीमा में हुआ निराकरण

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों और सुशासन केंद्रित प्रशासनिक कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में लोक सेवा गारंटी अधिनियम का लाभ अब आम नागरिकों तक तेज, पारदर्शी और सहज तरीके से पहुंच रहा है । शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को निर्धारित समय-सीमा में शासकीय सेवाएं उपलब्ध हों और इसी दिशा में “सेवा सेतु” राज्य में डिजिटल सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा रहा है।
प्रदेश के आम जन अब आय,जाति, निवास प्रमाण-पत्र जैसी आवश्यक सेवाएं आसानी से प्राप्त कर पा रहे हैं। पहले जहां विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब “सेवा सेतु” के माध्यम से नागरिकों को एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं । इससे आम जनता का समय, श्रम और संसाधनों की बचत हो रही है तथा शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को अधिसूचित सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। इसी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए “सेवा सेतु” का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रारंभ में ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म पर 86 सेवाएं उपलब्ध थीं, जिन्हें “सेवा सेतु” प्लेटफॉर्म में बढ़ाकर अब 441 कर दिया गया है। इनमें 54 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं, जबकि विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं को भी सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है।
अब नागरिकों को सेवाओं की जानकारी और सुविधाएं व्हाट्सएप माध्यम से भी सहज रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। आय,जाति, निवास, राशन कार्ड, विवाह पंजीयन सहित विभिन्न प्रमाण-पत्रों और नागरिक सेवाओं से संबंधित अब तक 3.3 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं। 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ “सेवा सेतु” अब राज्य में एक प्रभावी “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका ह। “सेवा सेतु”  अब राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रदेश में पिछले 28 माह में निराकृत किये गये कुल आवेदनों में से 95 प्रतिशत से अधिक आवेदन समय-सीमा में निराकृत किए गए। विभिन्न विभागों से कुल 75 लाख 70 हजार 885 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 65 लाख 18 हजार 805 आवेदन समय-सीमा में सहित 3 लाख 22 हजार 517 अन्य कुल मिलाकर 68 लाख 41 हजार 322 आवेदनो को निराकृत किए गए। कुछ आवेदन दस्तावेजों की कमी अथवा अन्य कारणों से निरस्त अथवा वापस किए गए।
चिप्स कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 28 माह में सर्वाधिक निराकृत प्रकरणों में आय प्रमाण-पत्र के 32 लाख 19 हजार 394 आवेदन, मूल निवास प्रमाण-पत्र के 14 लाख,29 हजार 760 आवेदन तथा अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण-पत्र के 6 लाख 40 हजार 67 आवेदन शामिल हैं। इसी प्रकार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र के 7, लाख 95 हजार 13 आवेदन, विवाह प्रमाण-पत्र के 83 हजार 495 आवेदन और भू-नक़ल के 2 लाख 7 हजार 553 आवेदन निराकृत किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना लागू की गई है, जिसके उन्नत संस्करण के रूप में “सेवा सेतु” प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है । यह प्लेटफॉर्म प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के माध्यम से सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बना रही है । कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र, ऑनलाइन पोर्टल और इंटरनेट आधारित माध्यमों से नागरिकों को सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराई जा रही हैं । परियोजना का संचालन राज्य में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत किया जा रहा है,जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध और जवाबदेह सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं।

Related Articles

Back to top button