छत्तीसगढ़
कुनकुरी क्षेत्र में कोटपा एक्ट के तहत सघन कार्रवाई, 37 चालान से 6,750 रुपए जुर्माना वसूला गया
Intensive action was taken under the Kotpa Act in the Kunkuri area, with 37 challans amounting to a fine of Rs 6,750.

शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तम्बाकू बिक्री एवं सार्वजनिक धूम्रपान पर प्रशासन सख्त
रायपुर । राज्य शासन एवं नियंत्रक के निर्देश तथा जशपुर कलेक्टर के मार्गदर्शन में औषधि प्रकोष्ठ द्वारा कोटपा एक्ट-2003 के तृतीय चरण अंतर्गत कुनकुरी क्षेत्र में सघन चालानी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तम्बाकू संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की गई।
औषधि निरीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में स्थित दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कोटपा एक्ट की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर कुल 37 चालान बनाए गए तथा 6 हजार 750 रुपए की जुर्माना राशि वसूली गई।
कार्रवाई मुख्य रूप से धारा-4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, धारा-6(अ) के तहत नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध तथा धारा-6(ब) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंध से संबंधित रही।
निरीक्षण दल ने दुकानदारों को धूम्रपान निषेध एवं नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद न बेचने संबंधी सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। साथ ही माचिस, लाइटर एवं ऐश ट्रे जैसी धूम्रपान को प्रोत्साहित करने वाली सामग्री सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं करने को कहा गया। अधिकारियों ने शिक्षण संस्थानों के आसपास तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों ने आमजन को तम्बाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन कैंसर, सीओपीडी तथा हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि पैसिव स्मोकिंग से आसपास के लोग, विशेषकर बच्चे, सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। तम्बाकू में मौजूद हजारों रसायनों में कई अत्यंत हानिकारक एवं जानलेवा होते हैं।
कार्यवाही के दौरान सहायक औषधि नियंत्रक श्री पीताम्बर साहू, औषधि निरीक्षक योगेश परस्ते, मनीष कंवर, कोटपा नोडल अबरार खान सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
औषधि निरीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज दायरे में स्थित दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कोटपा एक्ट की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर कुल 37 चालान बनाए गए तथा 6 हजार 750 रुपए की जुर्माना राशि वसूली गई।
कार्रवाई मुख्य रूप से धारा-4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, धारा-6(अ) के तहत नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध तथा धारा-6(ब) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंध से संबंधित रही।
निरीक्षण दल ने दुकानदारों को धूम्रपान निषेध एवं नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद न बेचने संबंधी सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। साथ ही माचिस, लाइटर एवं ऐश ट्रे जैसी धूम्रपान को प्रोत्साहित करने वाली सामग्री सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं करने को कहा गया। अधिकारियों ने शिक्षण संस्थानों के आसपास तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों ने आमजन को तम्बाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन कैंसर, सीओपीडी तथा हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि पैसिव स्मोकिंग से आसपास के लोग, विशेषकर बच्चे, सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। तम्बाकू में मौजूद हजारों रसायनों में कई अत्यंत हानिकारक एवं जानलेवा होते हैं।
कार्यवाही के दौरान सहायक औषधि नियंत्रक श्री पीताम्बर साहू, औषधि निरीक्षक योगेश परस्ते, मनीष कंवर, कोटपा नोडल अबरार खान सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।




