छत्तीसगढ़

’घोघरा डेम में हाथी शावक की मृत्यु, वन विभाग ने की त्वरित कार्रवाई’

Elephant calf dies at Ghoghara Dam, Forest Department takes prompt action

रायपुर  । धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल परिक्षेत्र अंतर्गत सिंघीझाप स्थित घोघरा डेम में लगभग 6 माह के एक हाथी शावक की डूबने से मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 7 मई 2026 को लगभग 20 हाथियों का एक दल बोजिया परिसर से सिंघीझाप क्षेत्र की ओर गया था। देर रात यह दल वापस लौटते समय घोघरा डेम के पानी में उतरा, जहां संभवतः शावक की डूबने से मृत्यु हो गई। इसके बाद हाथियों का अधिकांश दल लोटान क्षेत्र की ओर चला गया, जबकि कुछ हाथी वहीं आसपास रुके रहे।

कल 8 मई को नियमित गश्त के दौरान हाथी ट्रैकर्स ने घोघरा डेम में शावक को मृत अवस्था में देखा और इसकी सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम में डॉ. आशिष राठिया, डॉ. विवेक नायक और डॉ. अनिल कुमार सिंह शामिल थे।

       विशेषज्ञ टीम की उपस्थिति में हाथी शावक का पोस्टमार्टम कराया गया। मृत्यु के वास्तविक कारणों की जांच के लिए विषरा नमूने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर बरेली (उत्तर प्रदेश) तथा नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर के वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ विभाग को भेजे जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है।

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