’सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ : ’इतिहास को स्मृतियों में रखते हुए भविष्य को संवारने के संकल्प से बनता है सशक्त राष्ट्र- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा’
Somnath Swabhiman Parv: A strong nation is built by remembering history and resolving to shape the future – Deputy Chief Minister Vijay Sharma

’भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा’
’सोमनाथ से भोरमदेव तक गूंजा सांस्कृतिक स्वाभिमान का स्वर’
रायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े और मंदिर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा – अर्चना के साक्षी बने और उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनर्निर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम के श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की पुरातन संस्कृति और सभ्यता के गौरवपूर्ण स्मरण का अवसर है। उन्होंने कहा कि इतिहास के कई महत्वपूर्ण प्रसंग समय के साथ लोगों की स्मृतियों से ओझल हो जाते हैं, जबकि इन्हीं घटनाओं ने देश की सांस्कृतिक चेतना को आकार दिया है। उन्होंने कहा कि लगभग एक हजार वर्ष पूर्व विदेशी आक्रांताओं ने भारत पर आक्रमण कर सोमनाथ मंदिर के वैभव को ध्वस्त किया और इसकी संपदा को लूटने का प्रयास किया। यह क्रम कई बार चला, लेकिन आज उन आक्रांताओं का नामोनिशान नहीं है, जबकि सोमनाथ मंदिर वैभवशाली स्वरूप में देश के सामने खड़ा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ हमारी संस्कृति और आत्मसम्मान का मानबिंदु है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य हो रहा है। सोमनाथ का पुनर्स्थापित स्वरूप भारत की सांस्कृतिक चेतना और पुनर्जागरण का प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह हमें सिखाता है कि भविष्य की ओर बढ़ते हुए इतिहास को स्मृतियों में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन देशभर के शिवालयों में किया जा रहा है। भारत जब अपने अतीत की चर्चा करता है तो वह केवल इतिहास नहीं दोहराता, बल्कि आने वाले भविष्य को संवारने का संकल्प भी लेता है। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीखकर ही मजबूत भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में निर्मित श्रीराम मंदिर केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
उप मुख्यमंत्री ने इस दौरान भोरमदेव मंदिर पर्यटन कॉरिडोर विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर परियोजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसके तहत मंदिर परिसर, म्यूजियम, मेला स्थल, गार्डन, कांवड़ियों के विश्राम स्थल, मड़वा महल, छेरकी महल और सरोदा डैम के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सोमवार को अधिकारियों, इंजीनियरों, कंसल्टेंट और ठेकेदारों के साथ परियोजना कार्यों की समीक्षा की जाती है ताकि विकास कार्य तय समय पर पूरे हो सकें। इसके साथ ही बूढ़ा महादेव परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी काम किया जा रहा है, जहां कांवड़ियों की सुविधा के लिए एक विशाल डोम का निर्माण किया जा रहा हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, जनपद उपाध्यक्ष बोड़ला श्री नंद श्रीवास, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी ओर ग्रामवासी उपस्थित रहे।




