सुशासन तिहार बना दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद की किरण
Good Governance Festival becomes a ray of hope for the differently-abled

साय सरकार की संवेदनशील पहल से मरवाही के छह दिव्यांगजनों को मिले सहायक उपकरण, चेहरे पर लौटी मुस्कान
रायपुर । प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल प्रशासनिक शिविर नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार की जन कल्याणकारी सोच और संवेदनशील कार्यशैली का असर अब गांव-गांव तक दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में पेंड्रा-गौरेला- मरवाही जिले के मरवाही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उषाड़ में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर दिव्यांगजनों के लिए राहत और आत्मविश्वास लेकर आया।
शिविर में समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत छह दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। वर्षों से दैनिक जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हितग्राहियों को जब व्हील चेयर, श्रवण यंत्र और छड़ी उपलब्ध कराई गई तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
ग्राम पंचायत कटरा निवासी 80 प्रतिशत अस्थि बाधित स्वरूप सिंह पोर्ते को व्हील चेयर प्रदान की गई। व्हील चेयर मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब उन्हें आने-जाने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस मदद से उनका जीवन पहले की अपेक्षा आसान हो जाएगा।
इसी प्रकार ग्राम उषाड़ की मंगली बाई एवं बेलझिरिया निवासी अकलू राम को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। लंबे समय से सुनने में परेशानी के कारण उन्हें सामान्य बातचीत करने और सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब उन्हें नई उम्मीद मिली है। वहीं उषाड़ की बैसाखिया बाई तथा बेलझिरिया के श्याम सुंदर और श्रीराम को सहारे के लिए छड़ी प्रदान की गई, जिससे उन्हें चलने-फिरने में सुविधा मिलेगी।
सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप प्रशासन अब आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहा है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन की योजनाओं का लाभ इतनी सहजता और पारदर्शिता के साथ गांव स्तर पर मिल रहा है।




