छत्तीसगढ़

आकाशीय बिजली के हादसे के बाद टूटी उम्मीद, समाधान शिविर ने फिर जगाया जीवन का विश्वास

Hope was shattered after the lightning accident, the solution camp revived the faith in life.

संवेदनशील शासन की पहल : पीपरछेड़ी शिविर में दिव्यांग शिवचरण को मिला नया संबल, 

राजस्व मंत्री  श्री वर्मा। के हाथों मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल

धमतरी। जीवन में कुछ हादसे ऐसे होते हैं, जो इंसान की राह ही बदल देते हैं। ग्राम पीपरछेड़ी निवासी दिव्यांग शिवचरण कंवर के साथ वर्ष 2022 में हुई आकाशीय बिजली गिरने की घटना भी कुछ ऐसी ही थी। इस दुर्घटना में उनके दोनों पैर गंभीर रूप से प्रभावित हो गए। एक मेहनतकश और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने वाले शिवचरण अचानक दूसरों पर निर्भर हो गए। घर से बाहर निकलना तो दूर, दैनिक जीवन के सामान्य कार्य भी उनके लिए कठिन हो गए थे।

परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। ऐसे में शारीरिक असमर्थता ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया। कई बार उन्हें यह चिंता सताने लगी थी कि अब उनका जीवन कैसे आगे बढ़ेगा। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आया।

ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर में शिवचरण की समस्या को गंभीरता से सुना गया। शिविर के दौरान प्रदेश के राजस्व, एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की। ट्राईसाइकिल मिलते ही शिवचरण के चेहरे पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई। भावुक होकर उन्होंने कहा कि अब वे बिना किसी सहारे के अपने छोटे-छोटे कार्य स्वयं कर सकेंगे और गांव में स्वतंत्र रूप से आ-जा पाएंगे।
शिवचरण ने बताया कि शासन द्वारा उनका राशन कार्ड भी बनाया गया है, जिससे परिवार को खाद्यान्न की सुविधा मिलने लगी है। वहीं उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इन योजनाओं ने परिवार को आर्थिक संबल देने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी प्रदान किया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील सोच ने उनके जैसे दिव्यांगजनों के जीवन में नई ऊर्जा भरने का काम किया है।

पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल शासकीय योजनाओं के वितरण का मंच नहीं रहा, बल्कि यह इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि जब शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ लोगों तक पहुंचता है, तब योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, आत्मनिर्भरता और नई उम्मीद का आधार बनती हैं।

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