पाली में चमगादड़ों की मृत्यु का कारण बीमारी नहीं, अत्यधिक गर्मी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
Disease not the cause of bat deaths in Pali, extreme heat situation well under control

वन विभाग और पशुधन विकास विभाग संयुक्त रूप से रख रहे हैं कड़ी निगरानी
रायपुर। कोरबा जिले के नगर पंचायत पाली क्षेत्र स्थित नौकोनिया तालाब के समीप प्रवासी चमगादड़ों की मृत्यु को लेकर सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों पर प्रसारित हो रही भ्रामक व चिंताजनक खबरों का जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग ने कड़ा खंडन किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की महामारी या संक्रामक बीमारी फैलने की अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं।
जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट हीट स्ट्रोक है मुख्य कारण
पशुधन विकास विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रतिवेदन के अनुसार विगत तीन दिनों के दौरान क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लगभग 200 चमगादड़ों की मृत्यु हुई है। मृत चमगादड़ों के किए गए प्रारंभिक शव परीक्षण में प्रथम दृष्टया अत्यधिक तापमान को ही मृत्यु का मुख्य कारण माना गया है। किसी भी अज्ञात वायरस या संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
सुरक्षात्मक कदम और एसओपी का पालन
विभागीय अधिकारियों ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है कि घटना की सूचना मिलते ही पशुधन विकास विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया था। सभी मृत चमगादड़ों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विधिवत दफनाया जा चुका है, जिससे संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। विस्तृत और वैज्ञानिक पुष्टि के लिए आवश्यक नमूने एकत्र कर वन विभाग के माध्यम से फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। वर्तमान में चमगादड़ों की मृत्यु दर में भारी कमी आई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वन अमला और पशु चिकित्सा दल लगातार क्षेत्र में मुस्तैद हैं।
जिला प्रशासन की अपील-अफवाहों पर ध्यान न दें
नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें साझा कर डर का माहौल पैदा करें। स्थिति पूरी तरह सामान्य है। जिला प्रशासन ने स्थानीय जनता से अपील की है कि यदि क्षेत्र में किसी भी वन्यजीव की असामान्य गतिविधि या मृत्यु दिखाई देती है, तो उसकी सूचना तुरंत सीधे नियंत्रण कक्ष या संबंधित विभाग को दें, ताकि त्वरित वैज्ञानिक कार्रवाई की जा सके।




