छत्तीसगढ़

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर प्रदेश भर में चला नशामुक्ति जागरूकता अभियान

De-addiction awareness campaign launched across the state on World No Tobacco Day

युवाओं और ग्रामीणों को तंबाकू एवं नशे से दूर रहने का दिया संदेश

रायपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में नशामुक्ति एवं जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर द्वारा व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर श्रीमती विनीता वार्नर के मार्गदर्शन तथा सचिव सुश्री पायल टोपनो के निर्देशन में संपन्न हुआ।

अभियान के तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां और जनसंवाद आयोजित कर लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। थानों में नियुक्त पैरालीगल वॉलेंटियर्स द्वारा विभिन्न स्थानों पर लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।

मुख्य कार्यक्रम सबरी सेवा संस्थान द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र सूरजपुर एवं ग्राम नमदगिरि में आयोजित किया गया। इसके अलावा वृद्धाश्रम सूरजपुर, गणेशपुर बाजार, थाना परिसर चांदनी, थाना परिसर प्रेमनगर सहित ग्राम बारगीडीह, बड़सरा, डुमरिया, दवाना, कुरुवां, केवड़ा और हर्राटिकरा में भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।

कार्यक्रम में हेल्थ वर्कर श्री रामलाल यादव एवं पैरालीगल वॉलेंटियर श्री सत्य नारायण ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य और समाज दोनों के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि युवाओं को आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से तंबाकू उत्पादों की ओर आकर्षित किया जा रहा है, जबकि इन उत्पादों के सेवन से कैंसर, श्वसन संबंधी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

वक्ताओं ने बताया कि धूम्रपान, गुटखा, खैनी एवं जर्दा जैसे तंबाकू उत्पाद शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करते हैं और मुख, गला, पेट एवं फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। कार्यक्रम में लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा तंबाकू पर होने वाले अनावश्यक खर्च को बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर लगाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सबरी सेवा संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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