छत्तीसगढ़

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

Do such work in life which does not only involve gaining something but also giving something to the society - Governor Ramen Deka

राजभवन (लोक भवन) में बालिका गृह की बेटियों से राज्यपाल ने किया आत्मीय संवाद

अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों का हुआ सम्मान

रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोक भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

पुस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस

राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य

इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध ( Research ) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित

कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर श्री गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

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