छत्तीसगढ़

कस्तुरमेटा में ‘सुशासन तिहार’ की धूम- समाधान शिविर में 121 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा

‘Good Governance Festival’ celebrated in Kasturmeta – 121 applications resolved on the spot at the resolution camp

ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति, एक ही छत के नीचे मिलीं शासन की योजनाएं

रायपुर । राज्य शासन की मंशानुसार ग्रामीण अंचलों में सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए ‘सुशासन तिहार’ के तहत नारायणपुर के जनपद पंचायत ओरछा के ग्राम कस्तुरमेटा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने, अपनी समस्याओं, मांगों और शिकायतों के निराकरण के लिए भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों ने सीधे ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही उनका त्वरित निराकरण किया।

शिविर में आए 358 आवेदन, निराकरण में स्वास्थ्य विभाग रहा अव्वल

कस्तुरमेटा शिविर में कुल 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 121 आवेदनों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई। शेष 237 आवेदनों को प्रक्रिया में लिया गया है, जिनका जल्द ही निपटारा किया जाएगा। शिविर में स्वास्थ्य विभाग ने सबसे सक्रिय भूमिका निभाते हुए सर्वाधिक 80 मामलों का मौके पर समाधान किया। इसी तरह श्रम विभाग के 12, राशन कार्ड निर्माण के 12, जाति प्रमाण पत्र के 11, निवास प्रमाण पत्र के 10, आधार कार्ड संबंधित 08, महिला एवं बाल विकास विभाग के 06 तथा किसान क्रेडिट कार्ड के 05 आवेदनों का निराकरण किया गया।  इसके अलावा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित 56 आवेदन और अन्य विभिन्न विभागों से जुड़े 158 आवेदन भी शिविर में प्राप्त हुए, जिन पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, समय और पैसे की बचत

कलेक्टर के सख्त निर्देश हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की सेवाओं को बेहद सरल और सुलभ बनाया जाए। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य यही है कि ग्रामीणों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए जिला या ब्लॉक मुख्यालय के सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद उनके दरवाजे पर पहुंचे। शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने इस व्यवस्था पर गहरा संतोष व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि एक ही छत के नीचे सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी से उनके समय और धन दोनों की बड़ी बचत हुई है। प्रशासन की इस त्वरित कार्यशैली ने सुशासन की परिभाषा को सच कर दिखाया है।

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