नारायणपुर जिला प्रशासन की बड़ी राहत- थुलथुली के ग्रामीणों को अब 25 किमी दूर पैदल नहीं जाना होगा, गांव में ही मिला राशन
Major relief from the Narayanpur district administration: Villagers of Thulthuli will no longer have to walk 25 km; they have received rations within the village itself.

ओरछा से ट्रैक्टर के जरिए पहुंचाया गया खाद्यान्न, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों को मिली बड़ी राहत
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में नारायणपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल की जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत थुलथुली के हितग्राहियों को अब राशन के लिए मीलों दूर भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत उनके अपने गांव में ही खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया गया है।
’ट्रैक्टर के माध्यम से दुर्गम रास्तों को किया पार’
जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि भौगोलिक रूप से बेहद कठिन और दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद, ओरछा से ट्रैक्टर के माध्यम से खाद्यान्न का सुरक्षित परिवहन किया गया। राशन सीधे ग्राम थुलथुली पहुंचाकर वहां शिविर मोड में वितरित किया गया। लाभान्वित परिवारों में अंत्योदय राशन कार्डधारी 343, निराश्रित राशन कार्डधारी 01 और एपीएल राशन कार्डधारी 01 शामिल है।
’बच गए पैर के छाले, समय और धन की भी हुई बचत’
पूर्व में थुलथुली के ग्रामीणों को राशन लेने के लिए लगभग 25 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर ओरछा जाना पड़ता था। इस पथरीले और जंगलात वाले रास्ते पर सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को होती थी। गांव में ही राशन पाकर ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि इस संवेदनशील पहल से उनके समय, श्रम और पैसे तीनों की बड़ी बचत हुई है।
जिला प्रशासन नारायणपुर का कहना है कि दूरस्थ और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं और आवश्यक सेवाएं पहुंचाना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सहज और प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए प्रशासन लगातार मैदानी स्तर पर मुस्तैदी से काम कर रहा है।




