छत्तीसगढ़

’महतारी वंदन, नोनी सुरक्षा और कुपोषण मुक्त अभियान को मिलेगी नई रफ्तार : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े’

'Mahtari Vandan, Noni Suraksha, and Malnutrition-Free Campaign to Gain New Momentum: Minister Lakshmi Rajwade'

 ’हर आंगन में मुनगा, हर बच्चे को केला, बाल विवाह मुक्त बनेगा हर जिला’

रायपुर । महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बीजापुर में विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना तथा कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को नई गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के नक्सल मुक्त होते क्षेत्रों में विकास, पोषण और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल हितग्राहियों को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों के जीवन स्तर में व्यापक और स्थायी सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करना विभाग की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है।

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने प्रत्येक घर और प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा (सहजन) का पौधा लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुनगा पोषण का उत्कृष्ट स्रोत है और इसके नियमित उपयोग से बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्रतिदिन एक केला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि पोषण स्तर में सुधार और बच्चों के समुचित शारीरिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

मंत्री ने बाल विवाह मुक्त बीजापुर के लक्ष्य को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजरों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने मैदानी अमले को नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी तथा कमियों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में महतारी वंदन योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बताया कि योजना का पोर्टल शीघ्र पुनः प्रारंभ होने वाला है। इसके मद्देनजर अधिकारियों को अभी से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने तथा पात्र महिलाओं के समयबद्ध पंजीयन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित नहीं रहनी चाहिए।

समीक्षा के दौरान नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सक्षम योजना और अन्य विभागीय योजनाओं के प्रभावी संचालन पर भी विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने सक्षम योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा अधिकाधिक हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने चाइल्ड हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बच्चों से जुड़े किसी भी संकट की स्थिति में समाज के प्रत्येक वर्ग को हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी होना आवश्यक है। इसके लिए ग्राम स्तर तक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विभाग में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण कर नियुक्तियां सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक गति लाई जा सके। साथ ही बाल कल्याण समिति के लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं संवेदनशील निराकरण के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अधिकारियों और मैदानी अमले से समर्पण, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना ही विभाग की वास्तविक सफलता का मानक है।

समीक्षा बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती बिस्मिता पटले सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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