छत्तीसगढ़

’सशक्त आंगनबाड़ी अभियान’ से मजबूत हो रही बच्चों की शैक्षणिक नींव

Children's educational foundation is being strengthened through the 'Sashakt Anganwadi Abhiyan'.

1044 आंगनबाड़ी केंद्रों में खेल-खेल में सीख रहे बच्चे, स्कूल शिक्षा की हो रही बेहतर तैयारी

रायपुर। सशक्त आंगनबाड़ी अभियान छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण स्तर को सुधारने की एक पहल है। इसके तहत स्कूलों के शिक्षक सप्ताह में एक दिन आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में अक्षर, गिनती और बालगीत सिखाते हैं। सुकमा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘सशक्त आंगनबाड़ी अभियान’ के माध्यम से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को स्कूल शिक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिले की सभी पांच परियोजनाओं में अभियान की गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।

खेल, कहानी और गीतों के माध्यम से सीखने की पहल

अभियान के तहत प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक जिले के 1044 आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्ताह में एक दिन एक घंटे तक विशेष शैक्षणिक गतिविधियां कराते हैं। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक भी आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों को खेल, कहानी, बालगीत, अक्षर ज्ञान, गिनती और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर देते हैं। इससे बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और सहभागिता बढ़ रही है।

विद्यालय में प्रवेश से पहले मजबूत तैयारी

अभियान का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पहले सीखने के लिए तैयार करना और उनकी शैक्षणिक नींव को मजबूत बनाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों के बौद्धिक, भाषायी और रचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

चरणबद्ध मूल्यांकन की व्यवस्था

अगस्त माह में अभियान का मूल्यांकन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। 6 अगस्त को पंचायत स्तर, 8 अगस्त को सेक्टर स्तर, 11 अगस्त को परियोजना स्तर और 13 अगस्त 2026 को जिला स्तर पर मूल्यांकन आयोजित किया जा रहा है।

उत्कृष्ट बच्चों का होगा चयन

मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत से 5 बच्चों का चयन किया जाएगा। पंचायत स्तर से चयनित बच्चों में से सेक्टर स्तर पर 5-5 बच्चों का चयन होगा। इसके बाद प्रत्येक परियोजना से 10 उत्कृष्ट बच्चों का चयन जिला स्तरीय मूल्यांकन के लिए किया जाएगा।

जिला प्रशासन का मानना है कि यह अभियान बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को सर्वांगीण बाल विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अभियान की सफलता में परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, संकुल समन्वयक, शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

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