छत्तीसगढ़

डीएमएफ से बदली खनन प्रभावित गांवों की तस्वीर, 181 लाख की सड़क ने विकास को दी रफ्तार

DMF transforms the face of mining-affected villages; ₹181-lakh road accelerates development.

मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरिया मार्ग का 4.40 किमी नवीनीकरण

डीएमएफ से 180.93 लाख रुपये की लागत से हुआ निर्माण

शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बड़ा संबल

रायपुर । खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि का प्रभावी उपयोग प्रदेश में बदलाव की नई मिसाल बन रहा है। कोरबा जिले में डीएमएफ से निर्मित मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरि या सड़क ने वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर कर हजारों ग्रामीणों के जीवन को आसान बना दिया है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत डीएमएफ मद से 180.93 लाख रुपये की लागत से 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क का नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया। 15 अप्रैल 2026 को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है।
पहले बरसात के दौरान सड़क कीचड़ और जलभराव से भर जाती थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, मरीजों का उपचार, किसानों की उपज का परिवहन और ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं। अब बेहतर सड़क संपर्क से स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंच आसान होने के साथ किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में भी सुविधा मिल रही है। यह सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बनी, बल्कि खनन प्रभावित गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास की नई आधारशिला साबित हुई है। बेहतर संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बढ़ी है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई गति दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और डीएमएफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या के समाधान से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि डीएमएफ निधि का योजनाबद्ध और जनहितकारी उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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