छत्तीसगढ़

हाथियों से जनहानि में कमी जशपुर वनमंडल में प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, गश्त और जन-जागरूकता अभियान तेज

Reduction in human casualties caused by elephants: Surveillance, patrolling, and public awareness campaigns intensified in affected areas of the Jashpur Forest Division.

रायपुर । वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग हाथी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी, गश्त और जन-जागरूकता अभियान चला रहा है, ताकि मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। इन्हीं निर्देश के परिपालन के कारण जशपुर वनमंडल में विगत वर्षों की तुलना में हाथियों से होने वाली जनहानि में कमी आई है।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 9 अगस्त को बगीचा वन परिक्षेत्र के महादेवडांड क्षेत्र में लगभग 16 जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग ने तत्काल हाथी गश्ती दल और रैपिड रिस्पांस टीम (आर.आर.टी.) को सक्रिय कर प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त शुरू की।
हाथियों के संभावित विचरण मार्गों में नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
वन विभाग की टीम ने घोघर, सरईपानी, घुघरी, रेंगोला, महुआडीह और बोडापहरी गांवों में लगातार निगरानी की। ग्रामीणों को माइक और सायरन के माध्यम से हाथियों की मौजूदगी की जानकारी दी गई तथा हाथियों के संभावित मार्गों में नहीं जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई।
हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु
इसी दौरान रात्रि लगभग 12रू30 बजे ग्राम घुघरी (कदमटोली) निवासी श्री मार्सेल लकड़ा (71 वर्ष) की हाथी के हमले में मृत्यु हो गई। वे अपनी निजी भूमि पर बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाथी ने झोपड़ी को क्षतिग्रस्त कर उन्हें बाहर घसीट दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटनास्थल पर हाथी की मौजूदगी की पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, हाथी गश्ती दल और आर.आर.टी. मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। घटनास्थल पर हाथी के पदचिह्न और गोबर मिलने से हाथी की मौजूदगी की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी मिली कि मृतक को हाथियों के विचरण की सूचना देकर सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने गांव जाने से इंकार कर दिया और अपनी झोपड़ी में ही रुके रहे।
प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ कर दी गई है। हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा हाथी गश्ती दल और आर.आर.टी. द्वारा संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के विचरण की सूचना मिलने पर जंगल या संभावित मार्ग में न जाएं, रात के समय अकेले बाहर न निकलें, हाथियों के पास जाने या उनका पीछा करने का प्रयास न करें तथा वन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने के लिए किया जा रहा लोगों को जागरूक
वन विभाग हाथी प्रभावित क्षेत्रों में माइक, सायरन और अन्य माध्यमों से लगातार लोगों को सतर्क कर रहा है। साथ ही हाथियों की गतिविधियों की निगरानी कर मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगली हाथियों से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल निकटतम वन अमले को जानकारी दें और स्वयं जोखिम न उठाएं।

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