घुंघरूओं की झंकार से गूंजा चक्रधर समारोह का मंच, डॉ.खुशबू पांचाल के कथक ने मोहा दर्शकों का मन
The stage of the Chakradhar Samaroh resonated with the rhythmic sound of *ghungroos*; Dr. Khushbu Panchal’s Kathak performance captivated the audience.

रायपुर। 41वें चक्रधर समारोह-2026 की सांस्कृतिक संध्या में उज्जैन की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं नृत्य निर्देशक डॉ. खुशबू पांचाल ने अपनी शानदार कथक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति में कथक की बारीकियों, भाव-भंगिमाओं, लय, ताल और पदसंचालन का सुंदर समन्वय देखने को मिला। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से कथक की शास्त्रीय गरिमा और भाव-सौंदर्य को प्रभावी ढंग से मंच पर साकार किया। सहज भावाभिव्यक्ति, आकर्षक पदचालन और लयकारी ने प्रस्तुति को विशेष बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकार का उत्साहवर्धन किया।
डॉ. खुशबू पांचाल पिछले तीन दशकों से कथक की साधना, प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार से जुड़ी हैं। वे नृत्य साधना नृत्य मंदिर की संस्थापिका एवं निदेशिका तथा नृत्याराधना संगीत एवं कला महाविद्यालय, उज्जैन की प्राचार्य हैं। उन्होंने खजुराहो नृत्य समारोह, मोढेरा महोत्सव और अखिल भारतीय कालिदास समारोह सहित देश-विदेश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर कथक की प्रस्तुतियां दी हैं। चक्रधर समारोह के मंच पर उनकी प्रस्तुति ने कथक की समृद्ध परंपरा, भाव, संगीत और लय की खूबसूरती को दर्शकों के सामने जीवंत कर दिया। प्रस्तुति के समापन पर दर्शकों ने कलाकार का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया।




