सेवा की कहानी : ’वर्षों से काबिज जमीन पर मिला अधिकार’
A Story of Service: Rights Secured Over Land Occupied for Years

भू-स्वामित्व योजना: कोरिया के अमृत लाल कुशवाहा के परिवार को मिला 288 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा
रायपुर । कोरिया जिले के ग्राम अमहर निवासी श्री अमृत लाल कुशवाहा के परिवार को वर्षों से काबिज जमीन का अधिकार मिलने से खुशी का वातावरण है। गौरतलब है कि इस जमीन से रिश्ता एक-दो दशक का नहीं, बल्कि 100 वर्ष से अधिक पुराना है। उनके पूर्वज लंबे समय से यहां काबिज रहे और इसी जमीन को परिवार ने अपने जीवन का आधार बनाया। हालांकि, जमीन का पट्टा नहीं होने के कारण उनके पास अपने अधिकार का कोई ठोस दस्तावेज नहीं था।
श्री अमृत लाल कुशवाहा बताते हैं कि भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत उनके पिता श्री जगलाल के नाम से 288 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा प्राप्त हुआ है। वे कहते हैं, “पहले कई सालों से हमारी जमीन का कोई आधार नहीं था। अब पट्टा प्राप्त हो गया है तो अच्छा लगता है।”
योजना के अंतर्गत 100 वर्ष से अधिक समय से पूर्वजों के काबिज भूमि पर पट्टा प्रदान किया गया। इससे परिवार को अपनी जमीन के संबंध में विधिवत दस्तावेज प्राप्त हुआ है।
अमृत लाल बताते हैं कि पट्टा मिलने से जमीन के अधिकार को लेकर परिवार को स्पष्टता मिली है। अब उनके पास ऐसा दस्तावेज है, जिसे वे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित रख सकते हैं।
अपने परिवार को मिले इस अधिकार के लिए श्री अमृत लाल कुशवाहा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। 100 वर्षों से अधिक पुराना रिश्ता, अब दस्तावेज में दर्ज अधिकार, भू-स्वामित्व योजना ने अमृत लाल के परिवार को उनकी जमीन की पहचान दी है।




