छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – विकास का अधूरा सपना अब होगा पूरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई रफ्तार

Chief Minister Vishnudev Sai's resolution - The incomplete dream of development will now be fulfilled, infrastructure development will get a new pace in Khairagarh-Chhuikhadan-Gandai district

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के  ग्राम पिपरिया में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई  जिला का पूर्ववर्ती सरकार के दौरान गठन तो किया गया, लेकिन इसके बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास पर पूर्ववर्ती सरकार ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया है और अब खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को सशक्त अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि यहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में  खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 611.21 करोड़ रुपये की लागत के 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी, जिसमें 470.98 करोड़ रुपये की लागत से 18 कार्यों का भूमिपूजन और 140.23 करोड़ रुपये की लागत से 53 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विकास कार्यों से विकसित खैरागढ़ का सपना साकार होने की दिशा में ठोस शुरुआत हो गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले के बुजुर्गों, युवाओं, माताओं और बहनों ने जो सपने संजोए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पैलीमेटा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने, छुुईखदान में 50 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पानी की टंकी निर्माण, पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘पान कैफे’ खोलने, खैरागढ़ में 500 सीटर सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण और मुढ़ीपार में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणाएं कीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन कार्यों को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खैरागढ़, राजनांदगांव, कवर्धा और मानपुर-मोहला से उनका भावनात्मक और आत्मीय जुड़ाव रहा है। अब, जब उन्हें प्रदेश की बागडोर मिली है, वे पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत डेढ़ वर्षों में सरकार ने हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई गारंटियों को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिससे उन्हें सीधे और लाभकारी मूल्य का लाभ मिल रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और इनका निर्माण तीव्र गति से हो रहा है, जिससे गांवों में राजमिस्त्री, सेंटरिंग प्लेट निर्माण और अन्य निर्माण कार्य से जुड़े कुशल श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु ‘महतारी वंदन योजना’ को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसके पुनः फार्म भरवाए जाएंगे। वर्तमान में इस योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाएं प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं और कई महिलाएं अपना व्यवसाय भी प्रारंभ कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में खरीदी दरों में वृद्धि, प्रदेश के 5.62 लाख कृषि भूमिहीन मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराए जाने का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला शीघ्र ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापक विकास के साथ प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार देश की पहली सरकार है, जो किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें शत-प्रतिशत क्रियान्वित करना है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, सांसद श्री संतोष पांडेय, खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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