छत्तीसगढ़

जल जीवन मिशन ने बदली जिंदगी : पहले सुबह का अधिकांश समय पानी के इंतजाम में ही निकल जाता था, पर अब घर पहुंच रहा पानी

Jal Jeevan Mission has changed lives: Earlier, most of the morning time was spent in arranging water, but now water is reaching homes.

रायपुर । हर घर नल से पानी पहुंचाने के मिशन ‘जल जीवन मिशन’ ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। पहले सुबह का अधिकांश समय परिवार के लिए पानी के इंतजाम में बिताने वाली महिलाएं अब घर में नल से पानी आने के बाद राहत की सांस ले रही हैं। अब उन्हें बच्चों की परवरिश, पढ़ाई-लिखाई, खेती, मजदूरी और आजीविका के अन्य कार्यों के लिए पर्याप्त समय मिल जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दंतेवाड़ा जिले के गीदम   विकासखंड के बिंजाम ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के माध्यम से 267 घरों में नल से जल पहुंचाया है। इससे गांववाले और वहां की महिलाएं काफी खुश हैं। गांव को ’’हर घर जल ग्राम’’ का दर्जा भी मिल गया है।

बिंजाम के अधिकांश परिवार आजीविका के लिए खेती और मजदूरी पर आश्रित हैं। यहां पहले पेयजल का मुख्य स्रोत हैंडपंप ही था। पर अब जल जीवन मिशन से गांव के हर घर में नल से स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। जल आपूर्ति के लिए गांव में 16 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन बिछाई गई है। तीन उच्च स्तरीय जलागारों (पानी टंकियों) के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाया जा रहा है।

जल जीवन मिशन से हर परिवार को न केवल पर्याप्त जल मिल रहा है, बल्कि यह स्वच्छ और सुरक्षित भी है। गांव में गठित ‘जल वाहिनी’ समूह की महिलाओं को जल की गुणवत्ता के परीक्षण के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ये महिलाएं फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल की गुणवत्ता का परीक्षण कर गांव में गुणवत्तायुक्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। इससे गांववाले अब जलजनित और गंदे पानी से होने वाली बीमारियों के खतरे से मुक्त हो गए हैं।

जल जीवन मिशन ने बिंजाम की महिलाओं का जीवन बदल दिया है। पहले धूप, गर्मी, बरसात, ठंड या रात होने पर भी महिलाओं को पानी लाने घर से दूर जाना पड़ता था। घर पर छोटे बच्चे हों या खुद की तबीयत खराब हो, तो भी पानी लेने बाहर निकलना ही पड़ता था। पर अब घर में ही नल लग जाने से हालात बदल गए हैं। रोज की परेशानियों से निजात मिल गई है।

बिंजाम की महिलाएं बताती हैं कि पहले घर के सभी लोगों के लिए पानी की व्यवस्था में बहुत समय लगता था, मेहनत भी बहुत लगती थी। सुबह का ज्यादातर समय इसी में निकल जाता था जिसके चलते उनकी दुनिया सिमट सी गई थी। परिवार के खेती-किसानी के कार्यों में न वे ठीक से सहयोग कर पाती थीं और न ही अन्य कोई रोजगारमूलक गतिविधियों के बारे में सोच सकती थीं। पर अब जल जीवन मिशन ने ये सारी परेशानियां दूर कर दी हैं। अब बच्चे रोज समय पर बिना रूकावट के स्कूल जा रहे हैं। महिलाएं को अब अपनी सब्जी-बाड़ी और वनोपज संग्रहण के साथ ही खेत और घर के अन्य कामों के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है।

 

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