किसानों के लिए तकनीक बनी मददगार,’तुंहर टोकन’ ऐप से समय पर एवं पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों में खुशी
Technology has become a helping hand for farmers; the 'Tunhar Token' app has brought joy to farmers with its timely and transparent paddy procurement system.

रायपुर । समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान के दौरान किसानों को सुविधाजनक एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने राज्य शासन द्वारा लांच की गई “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप के अच्छे परिणाम दिखाई दे रहे हैं। समय पर व पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसान ख़ुश हैं। इस तकनीक का लाभ उठाते हुए बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम केसला के मेहनतकश किसान राजा राम जायसवाल ने इस खरीदी सीज़न में मोबाइल ऐप के माध्यम से समय पर टोकन प्राप्त कर कुल 302 कट्टा धान शासकीय उपार्जन केंद्र अमेरा में विक्रय किया। किसान श्री जायसवाल ने बताया कि डिजिटल टोकन व्यवस्था से खरीदी केंद्र में भीड़-भाड़ और लंबी प्रतीक्षा से मुक्ति मिली है। पूर्व की तुलना में खरीदी प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है, जिससे कृषि कार्य और घर–परिवार दोनों के लिए पर्याप्त समय मिल पा रहा है। इसी प्रकार, किसान भुनेश्वर साहू ने भी बताया कि “तुंहर टोकन” ऐप किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। उनके अनुसार, “अब घर बैठे कुछ ही मिनटों में टोकन मिल जाता है और निर्धारित समय पर धान की तौल हो जाती है। अनावश्यक दौड़भाग नहीं होती और देरी की समस्या भी खत्म हो गई है।” उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से किसानों का समय और श्रम बच रहा है, जिससे उत्पादन और विपणन दोनों में तेजी आई है। धान विक्रय के बाद किसान राजा राम जायसवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने किसानों को मजबूत आर्थिक संबल प्रदान किया है। प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने सर्वप्रथम कृषि से संबंधित ऋण भुगतान में किया, जिससे परिवार पर वित्तीय दबाव कम हुआ। साथ ही, बच्चों की शिक्षा के लिए राशि सुरक्षित रखी गई और शेष धनराशि को आगामी कृषि सीज़न की तैयारी — उन्नत बीज, खाद, कृषि उपकरण तथा खेत सुधार कार्य — में निवेश करने का निर्णय लिया है। किसान श्री जायसवाल ने खरीदी केंद्रों में समाधान पेटी की व्यवस्था के लिए कलेक्टर श्री दीपक सोनी के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि समाधान पेटी के माध्यम से किसान अपने सुझाव एवं समस्याएँ सीधे प्रशासन तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे खरीदी व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। प्रशासन द्वारा तकनीक आधारित सेवाओं, सुविधाजनक प्रबंधन और सतत मॉनिटरिंग के कारण जिले में धान खरीदी कार्य सुचारू रूप से जारी है तथा किसान संतुष्टि के साथ समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर रहे हैं।




