धान उपार्जन से मिली राशि बनेगी घर मरम्मत का सहारा
The money received from paddy procurement will be used for home repairs.

रायपुर । दुर्ग जिले के ग्राम अछोटी निवासी किसान श्री नुलम साहू के लिए इस वर्ष का धान उपार्जन आर्थिक संबल बनकर आया है। उन्होंने अपने 2 एकड़ 30 डिसमिल खेत में धान की फसल ली और कटाई के बाद अब रबी फसल की तैयारी में जुट गए हैं। धान उपार्जन के अंतर्गत उन्होंने 40 क्विंटल धान का विक्रय किया है।
श्री नुलम साहू अपनी पत्नी के साथ धान उपार्जन केंद्र कुथरेल पहुंचे। केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं को देखकर दोनों ने संतोष व्यक्त किया। शेड, पीने के पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के कारण किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। इसके साथ ही केंद्र पर धान का नियमित उठाव भी किया जा रहा है।
उपार्जन केंद्र पहुंचते ही धान की गुणवत्ता जांच की जाती है और तत्पश्चात तौल प्रक्रिया पूरी की जाती है। समिति के मजदूरों द्वारा उपलब्ध कराई गई बोरियों में धान भरने, सिलाई एवं तौल की समुचित व्यवस्था है। तौल पूर्ण होते ही किसानों को तुरंत रसीद प्रदान की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद बनी हुई है।
किसान श्री नुलम साहू ने धान खरीदी की पारदर्शी और सरल व्यवस्था के लिए विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान की उपज अपेक्षाकृत कम रही, फिर भी शासन की सुदृढ़ उपार्जन व्यवस्था से उन्हें राहत मिली है।
श्री साहू ने कहा कि धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने घर की मरम्मत में करेंगे, जिससे उनके परिवार को बेहतर और सुरक्षित आवास सुविधा मिल सकेगी। खरीदी गई धान का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। साथ ही धान खरीदी केंद्रों पर सतत निगरानी हेतु अधिकारियों की तैनाती से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।




