छत्तीसगढ़

योग से सशक्त होगा युवा वर्ग, शिक्षा के साथ स्वास्थ्य भी आवश्यक : रूपनारायण सिन्हा

Yoga will empower the youth, along with education, health is also essential: Roop Narayan Sinha

छत्तीसगढ़ योग आयोग एवं श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय शिक्षक एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

रायपुर । योग भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक परंपरा है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों ने गहन शोध एवं अनुभव के आधार पर विकसित किया है। जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के स्वाभाविक व्यवहार का अध्ययन कर विभिन्न योग आसनों की रचना की गई, जो आज भी मानव जीवन को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।यह बात छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कही। वे श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी रायपुर में आयोग एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण एवं योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

अध्यक्ष श्री सिन्हा ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नियमित योगाभ्यास अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए मानसिक संतुलन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है, जिसे योग के माध्यम से सहज रूप में प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रसेवा एवं राष्ट्रप्रेम को जीवन का सर्वोच्च आदर्श बताते हुए भावी शिक्षकों से स्वस्थ, अनुशासित एवं संस्कारित समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ, शाल एवं पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात भारतीय परंपरा के अनुरूप मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

उक्त सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र संकाय अंतर्गत संचालित बी.एड. तृतीय सेमेस्टर में अध्ययनरत 289 विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी शिक्षकों को योग की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें विद्यालय स्तर पर योग शिक्षण हेतु सक्षम बनाना है।

इस अवसर पर आर्य समाज बैजनाथपारा रायपुर के प्राचार्य श्री योगीराज साहू, प्रति-कुलाधिपति प्रो. शुभाशीष भट्टाचार्य, कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान, लेखा अधिकारी श्री गौरव देवांगन, परिवीक्षा अधिकारी श्री रविकांत कुंभकार, अधिष्ठाता शिक्षा संकाय प्रो. अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. ज्योति साहू सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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