मोर गांव-मोर पानी अभियान बना ग्रामीण विकास का आधार
More Village-More Water Campaign becomes the basis of rural development

रजखेता में नवा तरिया निर्माण से जल संरक्षण के साथ 80 से अधिक श्रमिकों को मिला रोजगार
मनरेगा के माध्यम से गांवों में सृजित हो रहे स्थायी जल स्रोत, कृषि और भू-जल स्तर को मिलेगा लाभ
रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के “मोर गांव-मोर पानी” अभियान के तहत प्रदेशभर में जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रजखेता में मनरेगा के तहत 19.48 लाख रुपये की लागत से नवीन तालाब (नवा तरिया) का निर्माण कराया जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती चन्दन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में संचालित यह कार्य जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। तालाब निर्माण से जहां वर्षा जल संचयन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी, वहीं क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार आने के साथ ग्रामीणों को कृषि एवं दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
निर्माण कार्य के माध्यम से 80 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध हुआ है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ मनरेगा के उद्देश्य को भी प्रभावी रूप से साकार किया जा रहा है।
प्रदेश में जल संकट से निपटने के लिए ग्राम पंचायतों में डबरी निर्माण, नवीन तालाब निर्माण तथा पुराने तालाबों के गहरीकरण जैसे कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। इन प्रयासों से एक ओर स्थायी जल स्रोत विकसित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सीईओ श्री निजामुद्दीन ने बताया कि शासन की मंशानुरूप जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में मनरेगा कार्यों से जुड़कर जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।




