प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
It is important to acquaint the people of the state with the rich heritage of the Indian Army and to motivate the youth of the state to join the Army: Chief Minister Dr. Yadav

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए किया है राष्ट्रीय आयोजनों का विकेन्द्रीकरण
भोपाल में सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को होगी नई दिल्ली की 26 जनवरी जैसी परेड
परेड के साथ ही सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास और शौर्य संध्या का होगा आयोजन
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होंगे आयोजन
भारतीय सेना को राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग
शौर्य स्मारक, अटल पथ, बड़ा तालाब, जंबूरी मैदान और बीएचईएल के मुख्य मार्गों पर होंगे आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ श्री उपेंद्र द्विवेदी ने की भेंट
मुख्यमंत्री निवास में हुई सेना तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने हर मौके और मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और सामर्थ्य का प्रदर्शन किया है। देश के हर व्यक्ति और परिवार के लिए भारतीय सेना की शौर्य और बलिदान की परंपरा से जुड़ना गर्व का विषय है। प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध सैन्य विरासत से परिचित कराने और प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आगामी सेना दिवस 15 जनवरी 2027 को भोपाल में विशेष परेड आयोजित की जाएगी। भोपाल में सेना दिवस पर होने वाले इन कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुभव, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले कार्यक्रमों के समान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इस आयोजन के लिए राज्य सरकार, भारतीय सेना को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और चीफ़ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई सैन्य अधिकारियों की बैठक में सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आगामी सेना दिवस 15 जनवरी को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही शौर्य संध्या, सेना के हथियारों संसाधनों और उपकरणों पर केंद्रित प्रदर्शनी तथा सैन्य अभ्यास का प्रदर्शन भी होगा। सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। सभी गतिविधियां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों की भव्यता और गरिमा के समान संचालित की जाएगी। कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। यह आयोजन भारतीय सेना की समृद्ध वीरता और सैन्य परंपरा के प्रदर्शन, सैन्य परेड से जन-जन को जोड़ने, सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं पारस्परिक विश्वास की भावना विकसित करने और युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि सेना दिवस 15 जनवरी 2027 पर होने वाले इन कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से होगी। स्थापना दिवस पर मेरी माटी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों से मिट्टी लाकर भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में संकल्प वृक्ष लगाया जाएगा। सेना दिवस 15 जनवरी की परेड के लिए 9,11 और 13 जनवरी को अभ्यास होगा। इसी प्रकार 15 जनवरी की शौर्य संध्या के लिए 11 और 13 जनवरी को अभ्यास का क्रम रखा गया है। सैन्य प्रदर्शनी का आयोजन 7 से 12 जनवरी तक होगा। भोपाल के बड़े तालाब में 11 और 12 जनवरी को सैन्य अभ्यास होगा। सेना की परेड के लिए अटल पथ, एयरोसिटी रोड, भेल कालीबाड़ी मार्ग और भेल लिंक रोड प्रस्तावित किए गए हैं। शौर्य संध्या का आयोजन टी.टी. नगर स्टेडियम में और सैन्य प्रदर्शनी जम्बूरी मैदान में लगाई जाएगी। बड़े तालाब पर वॉटर स्पोर्ट्स, एयर शो और सैन्य अभ्यास गतिविधियां होंगी। प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 को होने वाले ‘मेरी माटी अभियान’ के अंतर्गत हॉट एयर बैलून गतिविधि, मोटर साइकिल रैली, दौड़ तथा अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
सेना दिवस सेना दिवस प्रतिवर्ष 15 जनवरी को जनरल केएम करियप्पा द्वारा वर्ष 1949 में भारतीय सेना के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना की कमान संभालने की याद में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के विचार को सशक्त करने और सेना व नागरिकों के संबंधों को सुदृढ़ करते हुए भारतीय सेना में राष्ट्रव्यापी जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आयोजनों के विकेन्द्रीकरण की यह पहल वर्ष 2023 से आरंभ हुई। ऐसे आयोजन देश के लिए शहीद हुए शूरवीरों का स्थानीय स्तर पर सम्मान करने और उन्हें याद करने का भी अवसर देते हैं। सेना दिवस पर इस प्रकार की पहली परेड बैंगलुरू में वर्ष 2023 में, लखनऊ में 2024 में, पुणे में 2025 में और 2026 में जयपुर में आयोजित की गई। इन आयोजनों से युवाओं को भारतीय सेना में सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने में भी मदद मिली है। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।




