आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए व्यापक सर्वेक्षण आवश्यक – डॉ. कुसमरिया
Extensive survey is necessary for economic, social and educational development - Dr. Kusmaria

पिछड़ा वर्ग के सामाजिक विसंगतियों को दूर करना- छ.ग.पि. वर्ग आयोग अध्यक्ष श्री निषाद
रायपुर। मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए व्यापक सर्वेक्षण अत्यंत आवश्यक है, जिसे सांख्यिकीय विभाग को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर प्रतिवर्ष सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा देशभर के पिछड़ा वर्ग आयोगों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर साझा मुद्दों और प्रस्तावों पर चर्चा की जाए। छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सभागार में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया मुख्य अतिथि के रूप में उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आयोग के कार्यों की समीक्षा की तथा विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल विभिन्न जातियों की सामाजिक स्थिति, ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में विविध रूप में देखने को मिलती है। उन्होंने सामाजिक विसंगतियों को दूर करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत लाल मटियारा, उपाध्यक्ष डॉ. लखन धीवर, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव द्वारा पावर पाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुतीकरण के माध्यम से छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग के हितों के संरक्षण और संवर्धन हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग की संरचना, शक्तियों तथा प्राप्त शिकायतों एवं जाति समावेशन से जुड़े प्रकरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।




