नौनिहाल छात्रवृत्ति से बदली तकदीर : श्रमिक परिवार के सपनों को मिली नई उड़ान
Naunihal Scholarship Changes Fate: Labourer's Family's Dreams Take New Flight

रायपुर । सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने वाले छत्तीसगढ़ राज्य के श्रमिक परिवारों के लिए “मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना” उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। इसका उदाहरण मोहला के वार्ड क्रमांक 06 में रहने वाली पंजीकृत निर्माण श्रमिक श्रीमती प्रतिभा निषाद का परिवार है, जिनके पुत्र नेहाल निषाद को इस योजना के तहत छात्रवृत्ति मिली है।
आर्थिक तंगी के बावजूद अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का सपना संजोए प्रतिभा निषाद के लिए यह मदद किसी संजीवनी से कम नहीं है। नेहाल को मिली छात्रवृत्ति ने न केवल उसकी पढ़ाई का बोझ कम किया, बल्कि उसके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है। अब वह अपने लक्ष्य को लेकर और अधिक उत्साह से आगे बढ़ रहा है।
श्रम विभाग द्वारा संचालित इस योजना के तहत कक्षा 1 से लेकर स्नातकोत्तर, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और शोध स्तर तक के विद्यार्थियों को 1 हजार से 10 हजार रुपए तक की सहायता दी जाती है। खास बात यह है कि इसमें अंकों की अनिवार्यता नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक श्रमिक परिवारों के बच्चे इसका लाभ ले सकें।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में इस योजना की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 800 छात्रों को लाभान्वित करने का लक्ष्य था, लेकिन विभागीय प्रयासों से 2856 छात्रों को स्वीकृति दी गई, जो लक्ष्य का 357 प्रतिशत है।




