छत्तीसगढ़

ग्रीष्मकालीन तिलहन खेती से समृद्धि की ओर अग्रसर किसान

Summer oilseed farming is leading farmers towards prosperity

रायपुर । महासमुंद जिले के विकासखंड सरायपाली अंतर्गत ग्राम सिरशोभा के प्रगतिशील किसान श्री गौतम पटेल ने पारंपरिक धान खेती के स्थान पर ग्रीष्मकालीन सूर्यमुखी अपनाकर समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। कृषि विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

श्री पटेल ने बताया कि पूर्व में वे धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक जल एवं लागत की आवश्यकता होती थी। बीते वर्ष जल की कमी के कारण फसल प्रभावित होने से उन्हें आर्थिक हानि उठानी पड़ी। इसके पश्चात कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने इस वर्ष लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में सूर्यमुखी की खेती की है।

सूर्यमुखी फसल में कम पानी एवं कम लागत की आवश्यकता होती है, जिससे यह किसानों के लिए लाभकारी विकल्प सिद्ध हो रही है। वर्तमान में फसल की स्थिति संतोषजनक है तथा प्रति एकड़ 8 से 10 क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। कुल उत्पादन 12 से 15 क्विंटल होने की संभावना है। बाजार मूल्य 4500 से 5500 रुपए प्रति क्विंटल के अनुसार लगभग 54 हजार से 82 हजार 500 रुपए की आय संभावित है, जिसमें 40 से 65 हजार रुपए तक शुद्ध लाभ प्राप्त होने का अनुमान है। गौरतलब है कि कृषि विभाग द्वारा उन्नत बीज, तकनीकी परामर्श एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराए जाने से किसान नवीन खेती पद्धति को सफलतापूर्वक अपना रहे हैं।

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