छत्तीसगढ़

राजधानी रायपुर में करोड़पति-बिजनेसमैन ने भाई को मारी 3 गोली

In the capital Raipur, a millionaire businessman shot his brother three times.

रायपुर में करोड़पति बिजनेसमैन ने 2 साल पहले अपने भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी बड़े भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सरकारी वकील ने कोर्ट के सामने पूरे घटनाक्रम और सबूतों को रखा।

मामला 25 फरवरी 2024 का है। पुलिस को देर रात सूचना मिली कि रायपुर के सफायर ग्रीन फेज-2 कॉलोनी में एक भाई ने अपने छोटे भाई का मर्डर कर दिया। सिर पर गोली मारकर उसकी जान ले ली। आरोपी करोड़पति बिजनेसमैन है। मर्डर के बाद आरोपी ने मां को वीडियो कॉल कर कहा कि उसे मार दिया। फिर आरोपी कार में पिस्टल लिए घूमता रहा था। इस बीच हत्यारे को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था।

आरोपी पीयूष झा अपने छोटे भाई पराग के साथ ही रहता था। दोनों ड्रोन बनाने की कंपनी चलाते थे। घटना की रात दोनों भाइयों में झगड़ा हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पराग ने बड़े भाई पर हाथ उठा दिया। इससे तैश में आकर पीयूष ने कबर्ड से पिस्टल निकाली और 3 गोलियां अपने ही छोटे भाई पर चला दी। पराग जमीन पर गिर पड़ा और पूरे फर्श पर खून बिखर गया।

इसके बाद पीयूष ने मां को वीडियो कॉल कर लाश दिखाई और कॉल डिस्कनेक्ट कर भाग गया। मां इनसे अलग कैपिटल होम कॉलोनी में रहती थी। उसने पुलिस को फोन किया। विधानसभा थाने की एक टीम देर रात घटनास्थल पर पहुंची। दूसरी टीम ने शहर में नाकेबंदी कर पीयूष की तलाश शुरू की। इस घटना के बाद मां और परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल था।

पुलिस का दावा है कि शहर में तुरंत नाकेबंदी की गई आरोपी के कार और मोबाइल नंबर के लोकेशन से उसे डीडीनगर इलाके में पकड़ा गया। पुलिस ने पीयूष से पूछताछ की। जानकारी मिली कि आरोपी नशे का आदी था। घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी जब्त कर ली गई। पिस्टल का लाइसेंस भी नहीं था।

भाई को गोली मारने वाले पीयूष ने रायपुर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की। पीयूष झा एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग है। उसने छात्रावास अधीक्षक की नौकरी में सिलेक्शन हासिल किया मगर ड्रोन कंपनी के स्टार्टअप के लिए नौकरी छोड़ी। 45 हजार रुपए से ड्रोन बनाने की शुरुआत करने वाले पीयूष का कारोबार दो साल में ही 3.50 करोड़ तक पहुंच गया।

इसके बाद उसने काम में अपने भाई पराग को शामिल किया। जानकारी के मुताबिक, पर्सनल लाइफ में पीयूष डिप्रेस रहता था। उसकी एक बार शादी भी टूट गई थी, वो शराब पीने लगा था। पीने की लत की वजह से ही दोनों भाइयों में विवाद होता था। इस कांड के पीछे भी वजह शराब पीने के बाद हुआ झगड़ा ही था।

पुलिस को पीयूष ने अपने बयान में बताया- मैं रात के करीब 10 बजे के आस-पास बाहर से लौटा तो मेरा छोटा भाई पराग घर पर ही था, पुरानी बातों को लेकर ताना देने लगा। मैंने शराब पी रखी थी मुझे लगा कि पराग ने भी शराब पी है। हम दोनों में बहस बढ़ गई। पराग मुझे धक्का मारा फिर मारपीट होने लगी। मैंने भी उसे मारा।

कुछ दिनों पहले मेरी सगाई टूटी थी। हमारा काम-काज भी ठीक नहीं होने की वजह से मैं पहले से ही परेशान था। मैं पहले ही तनाव से गुजर रहा था। जब पराग के साथ मारपीट हुई तो गुस्से की वजह से मैंने कबर्ड में रखी अपनी पिस्टल निकाली। मैंने पराग को मार देने की बात कही, वो मुझ पर नाराज हो रहा था। मैंने पराग के ऊपर फायर कर दिया।

गोली उसके सिर में लगी और वह वहीं गिर गया। मैं हड़बड़ा गया, मुझे गलती का एहसास भी हुआ मैंने मम्मी को फोन लगाया और बताया कि मैंने भाई को मार दिया है। उनको लगा कि मैं मजाक कर रहा हूं। तब मैंने मां को वीडियो कॉल कर दिखाया।

मां ने बोला तू वहीं रुकना मैं अभी पुलिस को लेकर आती हूं। मैं डर गया और पिस्टल गोली, पराग का दोनों फोन, आई कार्ड, अपना दोनों फोन लेकर हड़बड़ी में अपनी कार से भाग गया। बाद में पुलिस ने रात में ही पकड़ लिया था। थाने में पूछताछ में पराग ने बताया कि वह पिस्टल बिहार से लेकर आया था।

पीयूष को रेलवे ने पटरियों की निगरानी का काम दिया था। प्रदेश में तैनात आरपीएफ, बीएसएफ और स्टेट पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते उन्हें ड्रोन बनाने का जिम्मा दिया था। एग्रीकल्चर इंडस्ट्री में भी दोनों भाई ड्रोन सर्विस दिया करते थे।

इस मामले में कोर्ट ने आरोपी बड़े भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी के खिलाफ हत्या और अवैध तरीके से पिस्टल रखने की बात साबित हो गई। जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।

Related Articles

Back to top button