मनरेगा से पनारी नाले का जीर्णोद्धार : 1200 ग्रामीणों को पेयजल व सिंचाई का लाभ
MNREGA-funded Panari drain renovation: 1200 villagers benefit from drinking water and irrigation

156 मानव दिवस में हुआ कार्य, नाले में लौटा 2 मीटर जलस्तर
कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र पाटले के मार्गदर्शन में किए गए इस कार्य से 1200 से अधिक ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।
गाद सफाई एवं स्टॉप डेम मरम्मत से नाले को मिला नया जीवन
इस कार्य के अंतर्गत 156 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया। नाले की गाद सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया गया तथा पूर्व निर्मित स्टॉप डेम की मरम्मत कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया गया।
इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में नाले में लगभग 2 मीटर तक जलस्तर दर्ज किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
पेयजल संकट से राहत, पशुओं को भी मिल रहा लाभ
नाले में जलस्तर बढ़ने से ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी के ग्रामीणों को हैंडपंप एवं अन्य जल स्रोतों से सहजता से पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
साथ ही लगभग 200 पशुओं की पानी की आवश्यकता भी इस जलस्रोत से पूरी हो रही है, जिससे पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिली है।
कृषि को मिला संबल, किसानों की आय में वृद्धि
नाले के पुनर्जीवन से क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिला है। लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर 26 किसान रबी-खरीफ फसलों के साथ-साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।
ग्राम के कृषक अम्बेलाल, नंदलाल एवं रामधन द्वारा उत्पादित सब्जियों को चंद्रमेणा बाजार में विक्रय कर अच्छी आमदनी अर्जित की जा रही है।
ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्पष्ट विजन है कि ग्रामीण, आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान आत्मनिर्भर बनें तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे उनके खेत-खलिहान तक पहुंचे।
पनारी नाले का यह जीर्णोद्धार कार्य मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, जल संरक्षण एवं कृषि विकास—इन तीनों उद्देश्यों की एक साथ सफल पूर्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।




