संस्कृति विभाग द्वारा लोक कलाकारों को संबल देने “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” हेतु आवेदन आमंत्रित
The Culture Department has invited applications for the “Chief Minister Folk Artist Incentive Scheme 2026” to support folk artists.

पारंपरिक कला-संस्कृति के संरक्षण के साथ कलाकारों को मिलेगा आर्थिक सहयोग, 15 मई तक कर सकते हैं आवेदन
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राज्य की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” के अंतर्गत प्रदेशभर के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगायन, लोकनाट्य, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, पारंपरिक पाक कला एवं सौंदर्यकला से जुड़े कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सम्मानित करने की पहल की गई है, ताकि वे अपनी कला को निरंतर आगे बढ़ा सकें और सांस्कृतिक परंपराएं जीवंत बनी रहें।
योजना के तहत चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से दी जाएगी। इस योजना का लाभ उन्हीं कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। साथ ही, चयनित कलाकारों को एक वित्तीय वर्ष में केवल एक बार यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी और आगामी दो वर्षों तक वे पुनः इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
आवेदन के लिए कलाकारों को निर्धारित प्रारूप में अपनी पूरी जानकारी देना अनिवार्य है, जिसमें नाम, कला विधा, पता, जिला, मोबाइल नंबर, चिन्हारी पोर्टल का पंजीयन क्रमांक, अनुभव के वर्ष तथा उपलब्धियों का विस्तृत विवरण (प्रमाण पत्र, फोटो, वीडियो आदि सहित) शामिल है। इसके साथ ही चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य रखा गया है।
इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरकर पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र भेजने की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन पत्र के लिफाफे पर “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” अंकित करना अनिवार्य होगा। योजना से संबंधित अधिक जानकारी विभागीय वेबसाइट www.cgculture.in पर भी प्राप्त की जा सकती है।
इस योजना के माध्यम से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन न केवल लोक कलाकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है, बल्कि प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।




