छत्तीसगढ़

’राष्ट्रीय स्तर पर चमका जशपुर का सरडीह, स्वच्छ एवं हरित ग्राम श्रेणी में देश में तीसरा स्थान’

Sardih of Jashpur shines at the national level, ranking third in the country in the clean and green village category.

’25 लाख रुपये के पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार से सम्मानित हुई ग्राम पंचायत’

रायपुर। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत सरडीह ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार के अंतर्गत सरडीह पंचायत को थीम-5 “स्वच्छ एवं हरियाली ग्राम” श्रेणी में संयुक्त रूप से देशभर में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए पंचायत को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है।
नई दिल्ली स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में 03 जून को आयोजित राष्ट्रीय समारोह में ग्राम पंचायत सरडीह के सरपंच श्री रामजी राम भगत एवं सचिव श्री ईश्वर प्रसाद यादव ने यह सम्मान ग्रहण किया। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री एवं मत्स्य पालन, पशुपालन तथा डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने उन्हें पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, उप संचालक पंचायत सुश्री कुसुम बड़ा, जनपद पंचायत बगीचा की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री नागेश तथा एडीपीएम श्री नवनीत कुमार साहू भी उपस्थित रहे।

’जनभागीदारी और नवाचार की मिसाल बना सरडीह’

कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने इस उपलब्धि पर ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि सरडीह की सफलता सामुदायिक सहभागिता, नवाचार और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि जिले की अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने कहा कि सरडीह ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है।

’स्वच्छता और हरियाली ने बदली गांव की तस्वीर’

लगभग 454 परिवारों वाले सरडीह में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय भी निवास करता है। पंचायत ने स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए सभी घरों में शौचालय उपयोग सुनिश्चित किया है तथा सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया है। सप्ताह में एक दिन ग्रामीणों और स्वच्छताग्राही समूह द्वारा सामूहिक सफाई अभियान चलाया जाता है, जिससे गांव स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का उदाहरण बन गया है। जल संरक्षण के लिए बनाए गए सोखता गड्ढों ने भू-जल स्तर में सुधार किया है और वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

’सौर ऊर्जा और आधुनिक खेती से बढ़ी किसानों की आय’

सरडीह में 109 घरों में सौर ऊर्जा आधारित पंप लगाए गए हैं, जिससे सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। किसान टमाटर, मिर्च, खीरा सहित विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती कर आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ उठा रहे हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में पंचायत द्वारा स्थापित 12 सोलर स्ट्रीट लाइटें भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

’राष्ट्रीय पुस्तक में भी मिली सरडीह को जगह’

समारोह के दौरान पंचायती राज मंत्रालय द्वारा प्रकाशित विशेष पुस्तक “राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025” का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में सरडीह पंचायत के स्वच्छता, जल संरक्षण, हरित विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े नवाचारों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों को पुस्तक की प्रति भी प्रदान की गई।

’सामूहिक प्रयासों का राष्ट्रीय सम्मान’

ग्राम पंचायत सरडीह को प्राप्त यह राष्ट्रीय सम्मान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्वच्छताग्रहियों और प्रशासनिक अमले के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल जशपुर जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है तथा स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर ग्राम निर्माण की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।

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