छत्तीसगढ़

नए परिवारों को नहीं मिल रहे LPG कनेक्शन, रायपुर में जैसे बंद हुए नए कनेक्शन

New families are not getting LPG connections, as new connections have been stopped in Raipur.

रायपुर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़े तनाव का असर अब घरेलू रसोई तक पहुंचने लगा है। रायपुर शहर की कई गैस एजेंसियों में नए एलपीजी कनेक्शन के आवेदन नहीं मिल रहे हैं। इससे जरूरतमंद परिवारों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।

शादी, किराये के मकान में शिफ्टिंग और नए परिवार बनने जैसी परिस्थितियों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पुराने गैस कनेक्शन को परिवार के दूसरे सदस्य के नाम ट्रांसफर कराने का विकल्प अपना रहे हैं।

एजेंसियों में नए कनेक्शन सीमित

इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस कंपनियों ने ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया को आसान बनाया है, लेकिन एजेंसी स्तर पर दस्तावेजों की जांच और मंजूरी में अब भी समय लग रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि नए कनेक्शन बंद होने जैसी स्थिति बनने से घरेलू व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही ब्लैक में सिलिंडर बिक्री की आशंका भी बढ़ने लगी है।

पश्चिम एशिया संघर्ष का असर

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय गैस सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसके बाद तेल कंपनियों ने मौजूदा उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। इसी वजह से नए कनेक्शन सीमित किए जाने की चर्चा तेज हो गई है। रायपुर की गैस एजेंसियों में अब लोग पुराने कनेक्शन ट्रांसफर कराने के लिए पहुंच रहे हैं।

ऑनलाइन ट्रांसफर से राहत की उम्मीद

गैस कंपनियों ने ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से कनेक्शन ट्रांसफर की सुविधा दी है। परिवार के सदस्य, पति-पत्नी या माता-पिता के नाम वाले कनेक्शन को दूसरे सदस्य के नाम पर बदला जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, पता प्रमाण, मोबाइल नंबर और रिश्ते से जुड़े दस्तावेज जरूरी हैं। एजेंसियों में बढ़ती भीड़ के बीच अब अधिकतर लोग डिजिटल प्रक्रिया का सहारा ले रहे हैं।

नए शहर में शिफ्ट होने वालों की बढ़ी दिक्कत

नौकरी और पढ़ाई के कारण दूसरे शहरों में शिफ्ट होने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। किराये के मकान में रहने वाले लोगों को नया कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। कई मामलों में किरायानामा और बिजली बिल सत्यापन की प्रक्रिया लंबी खिंच रही है। इससे लोगों को रसोई गैस के लिए कई सप्ताह तक इंतजार करना पड़ रहा है।

शादी के बाद परिवारों पर असर

शादी के बाद नए घर में रहने जा रहे दंपतियों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पहले आसानी से नया कनेक्शन मिल जाता था, लेकिन अब एजेंसियां ट्रांसफर प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रही हैं। कई परिवार पुराने घरेलू कनेक्शन को बहू या बेटी के नाम ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं ताकि गैस सिलिंडर की उपलब्धता बनी रहे।

एजेंसियों में फार्म की कमी

कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि एजेंसियों में नए कनेक्शन के फार्म उपलब्ध नहीं हैं। कुछ एजेंसियां सीधे ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दे रही हैं। दस्तावेजों में छोटी त्रुटि होने पर आवेदन वापस लौटाए जा रहे हैं। इससे बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं की परेशानी

डीडीनगर निवासी पूजा साहू शादी के बाद नए मकान में रहने पहुंचीं। उन्होंने नया गैस कनेक्शन लेने के लिए एजेंसी में आवेदन करना चाहा, लेकिन फार्म नहीं मिला। अब उन्होंने मायके के कनेक्शन को ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू की है और पिछले तीन सप्ताह से दस्तावेज जांच का इंतजार कर रही हैं।

भनपुरी निवासी मनोज वर्मा नौकरी के कारण रायपुर शिफ्ट हुए हैं। किराये के मकान में रहने के बावजूद उन्हें नया कनेक्शन नहीं मिल पाया। एजेंसी ने ऑनलाइन आवेदन करने को कहा, लेकिन पता सत्यापन में देरी हो रही है। फिलहाल वह पड़ोसी के सिलिंडर से काम चला रहे हैं।

अभी नए कनेक्शन पर आयल कंपनियों ने रोक लगा रखी है। इसके लिए कलेक्टर के पास भी शिकायतें आ रही हैं। जल्द ही बैठक लेकर पुन: प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा जाएगा।

-भूपेंद्र मिश्रा, नियंत्रक, खाद्य विभाग

 

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