पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना की लोक सुनवाई भारी उत्साह एवं अभूतपूर्व जनसमर्थन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न
Public hearing of Palma Open Cast Coal Mine Project successfully concluded with great enthusiasm and unprecedented public support

पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया में स्थानीय सहभागिता और विकास के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रहा केंद्र में
रायगढ़ — साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना के लिए आयोजित लोक सुनवाई आज ग्राम पेलमा में भारी उत्साह, व्यापक जनभागीदारी एवं सकारात्मक वातावरण के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न हितधारकों की उपस्थिति ने क्षेत्र के विकास एवं रोजगार सृजन के प्रति स्थानीय समुदाय की अपेक्षाओं और सहभागिता को प्रतिबिंबित किया।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 14 सितंबर 2006 (यथा संशोधित) के प्रावधानों के तहत आयोजित इस लोक सुनवाई की अध्यक्षता अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के क्षेत्रीय अधिकारी श्री मानवेंद्र शेखर पांडेय की उपस्थिति में संपूर्ण कार्यवाही शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।
प्रस्तावित परियोजना 2077.934 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जानी है, जिसकी उत्पादन क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) प्रस्तावित है। यह परियोजना ग्राम पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरिडीह, सक्ता, मिलूपारा एवं खर्रा सहित आसपास के क्षेत्रों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगी।
लोक सुनवाई के दौरान SECL के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों, सुझावों एवं जिज्ञासाओं का संतोषजनक उत्तर दिया। ग्रामीणों ने खुलकर अपने विचार रखे और क्षेत्र के विकास, रोजगार, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक उत्थान से जुड़ी अपेक्षाएँ साझा कीं। इस अवसर पर क्षेत्र की जनता ने SECL एवं MDO द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आधारभूत सुविधाओं एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए अपना आभार भी व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि इन पहलों से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिली है और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने अपने वक्तव्य में कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय विकास को नई गति प्राप्त होगी। महिला प्रतिभागियों ने भी सामाजिक सरोकार के तहत संचालित स्वरोजगार एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि परियोजना के आगे बढ़ने से इन पहलों का और अधिक विस्तार होगा।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (EIA) रिपोर्ट, पर्यावरण प्रबंधन योजना तथा सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी आमजन के समक्ष प्रस्तुत की गई। स्थानीय समुदाय ने लोक सुनवाई को परियोजना से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखने तथा विकास संबंधी अपेक्षाओं को व्यक्त करने का महत्वपूर्ण एवं प्रभावी मंच बताया।
पूरी प्रक्रिया प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुई। लोक सुनवाई में उत्साहपूर्ण जनसहभागिता, सकारात्मक संवाद तथा सुव्यवस्थित संचालन ने इसे एक सफल एवं महत्वपूर्ण जनपरामर्श कार्यक्रम के रूप में स्थापित किया।



