खारून में मवेशियों पर आफत, 25 भैंसें बहीं, 2 नहीं बचीं
Cattle in peril at Kharun: 25 buffaloes swept away, 2 lost.

रायपुर। रायपुर के उरला क्षेत्र स्थित पठारीडीह घाट पर सोमवार की शाम कुदरत का ऐसा कहर बरपा कि डेरी संचालक के होश उड़ गए। कहावत है कि ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’, और यही चरितार्थ हुआ जब कंडका गांव की लगभग 25 भैंसें खारून नदी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गईं। चराई के लिए नदी किनारे ले जाई गईं ये भैंसें कब पानी के साथ बह गईं इसकी किसी को भनक तक न लगी।
नदी का बहाव इतना उग्र था कि मवेशी अपना संतुलन खो बैठे और सीधे पठारीडीह घाट के पुल के नीचे जमा भारी जलकुंभी के जाल में फंस गए। यहाँ ‘मरता क्या न करता’ की स्थिति थी। जलकुंभी का यह जाल भैंसों के लिए काल बन गया। ग्रामीणों ने जब तक मोर्चा संभाला, तब तक देर हो चुकी थी। एसडीआरएफ की टीम ने रातभर मशक्कत की, लेकिन जलकुंभी की मोटी परत ने बचाव कार्यों में ‘कोढ़ में खाज’ का काम किया। अब तक दो भैंसों के शव बरामद हुए हैं और शेष के जीवित बचने की उम्मीद खत्म हो गई।
बेरला उरला मार्ग पर उतरे ग्रामीण
पस अनहोनी से ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। ग्रामीण बेरला-उरला मार्ग पर उतर आए। चक्काजाम के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उचित मुआवजे का आश्वासन देकर जैसे-तैसे ग्रामीणों को शांत कराया।




