छत्तीसगढ़

5000 पक्षियों की मौत के बाद अलर्ट: बिलासपुर पोल्ट्री फार्म में संक्रमण

Bilaspur poultry farm on alert after 5,000 birds die of infection

बिलासपुर। बिलासपुर स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि हो गई है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान आनंद नगर भोपाल स्थित लैब से आई रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लूएंजा एच 5 एन 1 वायरस की पहचान होने के बाद पोल्ट्री फार्म में जिंदा मुर्गा-मुर्गियों, चूजे, अंडा आदि को दफनाया जा रहा है। इसके लिए नौ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जो मंगलवार रात से काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल भी स्थिति का जायजा लेने शाम पोल्ट्री फार्म पहुंचे।

कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म स्थित पक्षियों में बर्ड फ्लू के लक्षण 18 मार्च को ही दिखने शुरू हो गए थे। पक्षी एक-एक करके मर रहे थे। सोमवार तक पांच हजार से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी थी। लगातार मौत होने के बाद पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक डा संजय राज ने इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी। इसके बाद से हड़कंप मच गया। मंगलवार की सुबह रायपुर से डा नलिनी, डॉ. अर्पणा समेत लैब से टीम सीधे पोल्ट्री फार्म पहुंची। इधर, सोमवार को ही मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान आनंद नगर भोपाल की लैब में भेजा गया था।

वहां से रिपोर्ट सीधे शासन को भेजा गया। इसमें बर्ड फ्लू एच 5 एन 1 इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर ने पोल्ट्री फार्म के मुर्गा-मुर्गियों, चूजे, अंडे, दाना और बोरियों को नष्ट करने के लिए नौ सदस्यीय टीम बनाई है। मंगलवार की शाम सात बजे टीम के सदस्य पीपीई किट पहनकर पोल्ट्री फार्म पहुंचे। यहां गहराई से खोदकर जिंदा और मृत दोनों पक्षियों को रासायनिक तत्व के साथ दफनाया गया। साथ ही पूरे फार्म को सैनिटाइज किया गया है।

सरकारी पोल्ट्री फार्म में मुर्गा-मुर्गियों के लेयर, ब्रायलर, बैकयार्ड पोल्ट्री बर्ड प्रजातियां शामिल हैं। इसके अलावा 350 से अधिक बतख, बटेर, कबूतर, सैकड़ों चूजे आदि पालन के लिए रखे गए थे। इन सभी को नष्ट किया जाएगा। साथ ही आसपास के सभी पक्षियों को मारने का अभियान शुरू होगा।

बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर ने आनन-फानन में रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है। इसमें डॉ. आरके तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं टीम में डॉ. आनंद रघुवंशी, एसके राठौर, फहीम खान, परिचारक गौकरण कौशिक, गौरीशंकर पटेल, जनक कौशिक, पुरुषोत्तम कौशिक और अजय लोधी शामिल हैं।

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