सोमनाथ स्वाभिमान पर्व : आस्था, स्वाभिमान और सांस्कृतिक विरासत का भव्य उत्सव, प्रदेशभर में उमड़ा जनसमूह
Somnath Swabhiman Parv: A grand celebration of faith, self-respect and cultural heritage, crowds gathered across the state.

रायपुर । सोमनाथ आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे प्रदेश में श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाया गया। विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक स्वाभिमान को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।
बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड स्थित प्राचीन एवं पुरातात्विक महत्व के सामंत सरना डीपाडीह में जिला स्तरीय मुख्य आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। यहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की आस्था और परंपरा को नमन किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर देशवासियों को संबोधित किया और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोमनाथ आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष डाक टिकट एवं 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की अटूट आस्था, संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक है। देश की पहचान उसकी प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से है, जिसे संरक्षित और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
आयोजन के दौरान स्कूली बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत शिव तांडव नृत्य ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं सांस्कृतिक प्रदर्शनी में जनजातीय परंपराओं, वाद्ययंत्रों और लोक कलाओं की जीवंत झलक देखने को मिली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) समूह की महिलाओं ने भी अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का संदेश दिया।
प्रदेशभर में आयोजित इस पर्व ने न केवल श्रद्धा और आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा भी दी।




