छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार के शिविर में आयुष्मान कार्ड बनते ही कमली के चेहरे पर लौटी मुस्कान

Kamli's face lit up with a smile as she made her Ayushman card at the Sushasan Tihar camp

रायपुर । प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर आमजन के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के तहत गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। शिविरों में राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, राजस्व प्रकरण, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जा रहा है।

इन्हीं शिविरों में एक तस्वीर ऐसी भी सामने आई, जिसने सुशासन तिहार की सार्थकता को और मजबूत किया। बलरामपुर जिले के पाढ़ी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचीं श्रीमती कमली वर्षों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की कोशिश कर रही थीं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली कमली को उम्मीद थी कि शायद इस बार उनकी समस्या का समाधान हो जाए।

शिविर में मौजूद अधिकारियों ने उनका आवेदन तत्काल लिया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड बना दिया। कार्ड हाथ में आते ही श्रीमती कमली के चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिखाई देने लगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब जरूरत पड़ने पर परिवार को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और पांच लाख रुपए तक के मुफ्त उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

ग्रामीण और श्रमिक परिवारों के लिए गंभीर बीमारी अक्सर आर्थिक संकट का कारण बन जाती है। सीमित आय वाले परिवार इलाज के खर्च के कारण कर्ज और परेशानी में घिर जाते हैं। कई बार लोग पैसों की कमी के कारण समय पर उपचार भी नहीं करा पाते। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास लगातार तेज हुआ है। प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण होने से आमजन का विश्वास भी मजबूत हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, बल्कि शासन स्वयं गांव तक पहुंचकर समाधान दे रहा है।

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