सुशासन शिविरों में गूंजा संकल्प “न बाल विवाह करेंगे, न होने देंगे”
The resolution echoed in the good governance camps: “Neither will we do child marriage nor will we allow it to happen.”

महिला एवं बाल विकास विभाग ने चलाया सघन जागरूकता अभियान
बीजापुर को ‘बाल विवाह मुक्त’ बनाने की शपथ
रायपुर। छत्तीसगढ राज्य के बीजापुर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस विभाग मिलकर व्यापक अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत अब तक 25 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित की जा चुकी हैं। कलेक्टर के नेतृत्व में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत जागरूकता, शपथ और कड़ी निगरानी के माध्यम से 2028-29 तक पूरी तरह से बाल विवाह मुक्त होने का लक्ष्य है।
कलेक्टर विश्वदीप के निर्देशन में बीजापुर जिले के सुशासन शिविरों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना है।
सामूहिक संकल्प और शपथ ग्रहण
शिविरों के दौरान ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और अभिभावकों ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध एकजुटता प्रदर्शित की। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे न केवल अपने परिवारों को इस कुरीति से बचाएंगे, बल्कि समाज में भी इसे नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने यह भी वादा किया कि बाल विवाह की किसी भी संभावित घटना की सूचना वे तत्काल प्रशासन को प्रदान करेंगे। समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष बल
विभागीय अधिकारियों ने शिविरों में उपस्थित लोगों को समझाया कि कम उम्र में विवाह बालिकाओं के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। विवाह के कारण बेटियाँ शिक्षा से वंचित हो जाती हैं, जिससे उनके भविष्य के अवसर सीमित हो जाते हैं। कम उम्र में गर्भधारण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के जोखिम को बढ़ाता है। लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मिलने वाली सजा और कानूनी कार्रवाई के बारे में भी सचेत किया गया।
सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर
जागरूकता के साथ-साथ त्वरित मदद के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण संपर्क सूत्रों की जानकारी भी साझा की गई है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 (बच्चों की सुरक्षा के लिए), महिला हेल्पलाइन 181 (महिलाओं की सहायता के लिए) पर सहायता के लिए मदद मांगी जा सकती है।
जनभागीदारी से बदलेगा बीजापुर
सुशासन शिविरों में उमड़ रही भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का प्रतीक है कि बीजापुर अब एक बड़े सामाजिक बदलाव की ओर अग्रसर है। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग का साझा लक्ष्य जनसहभागिता के माध्यम से जिले से बाल विवाह का पूर्णतः उन्मूलन करना है।




