छत्तीसगढ़

बड़ी रकम की ठगी के बाद फरार आरोपी, जांच एजेंसियों पर उठे सवाल

Accused absconding after duping huge sum, questions raised on investigating agencies

रायपुर। रायपुर के तेलीबांधा इलाके में प्लाईवुड कारोबारी के कर्मचारी से 35 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी 40 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आरोपियों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबर और इस्तेमाल की गई गाड़ी का नंबर मिलने के बावजूद पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

लगातार लोकेशन बदलने के कारण जांच टीम को आरोपियों तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है। विवेचना अधिकारियों का कहना है कि, आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों ने मुंबई निवासी प्लाईवुडकर्मी से 35 लाख की ठगी की थी।

दरअसल, मुंबई निवासी प्लाईवुड कारोबारी कर्मी करण शर्मा 13 अप्रैल को रायपुर पहुंचे थे। उन्हें हवाला के जरिए मिली रकम दूसरे व्यक्ति तक पहुंचानी थी। इसी दौरान दो शातिर ठग उनसे मिले और आधे नोट का मिलान दिखाकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद आरोपी 35 लाख रुपए लेकर फरार हो गए।

घटना के बाद करण शर्मा ने तत्काल तेलीबांधा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों की तस्वीरें कैद हुईं। पुलिस को उनकी गाड़ी का नंबर और मोबाइल डिटेल भी मिली, लेकिन इसके बावजूद आरोपी अब तक पकड़ से दूर हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साइबर सेल और लोकल पुलिस की टीम तकनीकी जांच में जुटी हुई है। हालांकि अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है।

इधर, इस मामले के सामने आने के बाद रायपुर में हवाला कारोबार को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लंबे समय से राजधानी में हवाला नेटवर्क सक्रिय होने की चर्चा थी, लेकिन इस घटना के बाद पहली बार पुलिस जांच में इसकी पुष्टि हुई है।

इसके बावजूद हवाला कारोबार से जुड़े लोगों पर अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। शहर में रसूखदार लोगों के संरक्षण में अवैध लेनदेन का कारोबार धड़ल्ले से चलने की चर्चा है। वहीं कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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