उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर बड़ी कार्रवाई
Major action taken over irregularities in fertilizer distribution

महालक्ष्मी कृषि केंद्र का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित
रायपुर । खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। बेमेतरा जिले में उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर ग्राम रनबोड़ स्थित मेसर्स महालक्ष्मी कृषि केंद्र का उर्वरक लाइसेंस 15 दिनों के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में प्रतिष्ठान किसी भी प्रकार के उर्वरक का भंडारण, विक्रय या उर्वरक व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियां नहीं कर सकेगा।
कृषि विभाग के अनुसार संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ के निर्देश पर जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, डायवर्सन, अधिक कीमत पर बिक्री तथा नकली और अमानक उर्वरकों की रोकथाम के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 30 जून को नवागढ़ विकासखंड के रनबोड़ स्थित महालक्ष्मी कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के कई प्रावधानों का उल्लंघन सामने आया।
जांच के दौरान कैश मेमो पर किसानों के हस्ताक्षर नहीं मिले। भंडारण एवं विक्रय पंजी का संधारण अपूर्ण पाया गया, निर्धारित प्रारूप में मासिक जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई थी तथा बिक्री स्थल पर उर्वरकों का स्टॉक और निर्धारित विक्रय दर भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी संख्या में अन्य जिलों के किसानों को उर्वरक बेचे गए। इसके अलावा पीओएस सिस्टम में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक में भी अंतर पाया गया।
इन अनियमितताओं पर प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया था, लेकिन विभाग को दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिला। इसके बाद उर्वरक निरीक्षक एवं सह प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नवागढ़ की अनुशंसा पर प्राधिकृत अधिकारी एवं उप संचालक कृषि, बेमेतरा ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए प्रतिष्ठान का उर्वरक प्राधिकार पत्र 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




